# महालवाड़ी भू-राजस्व प्रणाली : व्यवस्था, स्वरूप, विशेषताएं, गुण एवं दोष | The Mahalwari Settlement

महालवाड़ी भू-राजस्व प्रणाली : पृष्ठभूमि : उत्तर-पश्चिमी प्रान्त तथा अवध जिसे कि वर्तमान समय में उत्तर प्रदेश कहा जाता है अंग्रेजों के अधीन शनैः-शनैः आया था। 1801 ई….

# लार्ड कॉर्नवालिस की स्थायी बन्दोबस्त : कारण, गुण एवं दोष | Sthai Bandobast | Permanent Settlement

स्थायी बन्दोबस्त व्यवस्था : लार्ड वारेन हेस्टिंग्ज ने जमींदारों के साथ पाँच वर्षीय बन्दोबस्त किया था। चूंकि यह व्यवस्था अनेक दृष्टियों से दोषपूर्ण था। इस व्यवस्था में…

# आंग्ल-फ्रांसीसी संघर्ष (कर्नाटक का युद्ध) : अंग्रेजों की सफलता तथा फ्रांसीसियों की असफलता के प्रमुख कारण | Karnataka Yudh

दक्षिण भारत में आंग्ल-फ्रांसीसी संघर्ष – भारत में यूरोपीय जातियाँ मुख्यतः व्यापारिक उद्देश्यों से आई थी, परन्तु तत्कालीन राजनीतिक एवं आर्थिक परिस्थितियों के कारण उनमें संघर्ष आरम्भ…

# रैयतवाड़ी भू-राजस्व प्रणाली : कारण, विशेषताएं, गुण एवं दोष | Rayatwari System In British Period

रैयतवाड़ी बंदोबस्त व्यवस्था : भू-राजस्व प्रणाली मद्रास के बड़ा महल जिले में सर्वप्रथम 1792 ई. में रैयतवाड़ी भू-राजस्व प्रणाली कैप्टन रीड तथा टॉमस मुनरो द्वारा लागू की…

# नेपोलियन बोनापार्ट के पतन के कारण | Cause of the Fall of Napoleon Bonaparte

नेपोलियन के पतन के कारण : सन् 1807 में टिलसिट की सन्धि के समय यूरोप में नेपोलियन की शक्ति अपनी चरम सीमा पर थी। केवल इंग्लैण्ड को छोड़कर सम्पूर्ण…

# भारतीय पुनर्जागरण के प्रमुख कारण | Major Causes of Indian Renaissance

19वीं शताब्दी के पुनर्जागरण ने भारत के लोगों में एक नई आत्म-जागृति की भावना को विकसित किया और उन्होंने विदेशी दासता के बन्धनों को तोड़ने का निश्चय…

# भारत में कुटीर उद्योग के पतन (विनाश) के कारण | Reasons for the Decline of Cottage Industry in India

कुटीर उद्योग के विनाश/पतन के कारण : भारत में उन्नीसवीं शताब्दी में महान् आर्थिक परिवर्तन हुए। इस शताब्दी में चाय, जूट व सूती वस्त्र आदि उद्योगों को…

# छत्तीसगढ़ में धर्मनिरपेक्ष स्थापत्य कला का विकास | Chhattisgarh Me Dharm-nirpeksha Sthaptya Kala Ka Vikas

छत्तीसगढ़ में धर्मनिरपेक्ष स्थापत्य कला का विकास सामान्यतः स्थापत्य कला को ही वास्तुकला या वास्तुशिल्प कहा जाता है। भारतीय स्थापत्य कला के दो रूप प्रमुख है –…

# छत्तीसगढ़ में धार्मिक स्थापत्य कला का विकास | छत्तीसगढ़ की स्थापत्य कला | Chhattisgarh Me Sthaptya Kala Ka Vikas

छत्तीसगढ़ में धार्मिक स्थापत्य कला का विकास स्थापत्य की दृष्टि से मंदिर-निर्माण का इतिहास भी बहुत प्राचीन है। सामान्यतः ब्राम्हण धर्म के पुनरूत्थान के साथ ही भारतवर्ष…

# छत्तीसगढ़ के स्थानीय राजवंश | छत्तीसगढ़ के क्षेत्रीय राजवंश | Local Dynasty of Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ के क्षेत्रीय/स्थानीय राजवंश आधुनिक छत्तीसगढ़ प्राचीनकाल में दक्षिण कोसल के नाम से जाना जाता था। प्राचीन धार्मिक ग्रंथों में दक्षिण कोसल के शासकों का नाम वर्णित…

×