# रैयतवाड़ी भू-राजस्व प्रणाली : कारण, विशेषताएं, गुण एवं दोष | Rayatwari System In British Period

रैयतवाड़ी बंदोबस्त व्यवस्था : भू-राजस्व प्रणाली मद्रास के बड़ा महल जिले में सर्वप्रथम 1792 ई. में रैयतवाड़ी भू-राजस्व प्रणाली कैप्टन रीड तथा टॉमस मुनरो द्वारा लागू की गई। वस्तुतः मुनरो ही इस प्रणाली का प्रवर्तक था। मुनरो ने अपनी कार्यावली में 1824 ई. में इस प्रणाली का आधार प्रस्तुत किया। उसने कहा कि रैयत (कृषक) ही … Read more

# नेपोलियन बोनापार्ट के पतन के कारण | Cause of the Fall of Napoleon Bonaparte

नेपोलियन के पतन के कारण : सन् 1807 में टिलसिट की सन्धि के समय यूरोप में नेपोलियन की शक्ति अपनी चरम सीमा पर थी। केवल इंग्लैण्ड को छोड़कर सम्पूर्ण यूरोप उसके सामने नतमस्तक था। इतना सब कुछ उसने केवल सात वर्षों में ही अर्जित किया था किन्तु जितनी तेजी से उसका उत्थान हुआ, उतनी ही तेजी से … Read more

# भारतीय पुनर्जागरण के प्रमुख कारण | Major Causes of Indian Renaissance

19वीं शताब्दी के पुनर्जागरण ने भारत के लोगों में एक नई आत्म-जागृति की भावना को विकसित किया और उन्होंने विदेशी दासता के बन्धनों को तोड़ने का निश्चय किया। दूसरे शब्दों में, पुनर्जागरण एक ऐसी घटना है जिसने 19वीं शताब्दी में राष्ट्रीय चेतना को झकझोर कर जगा दिया और लोग अपने उत्थान और विकास की दिशा … Read more

# छत्तीसगढ़ में धर्मनिरपेक्ष स्थापत्य कला का विकास | Chhattisgarh Me Dharm-nirpeksha Sthaptya Kala Ka Vikas

छत्तीसगढ़ में धर्मनिरपेक्ष स्थापत्य कला का विकास : सामान्यतः स्थापत्य कला को ही वास्तुकला या वास्तुशिल्प कहा जाता है। भारतीय स्थापत्य कला के दो रूप प्रमुख है – (1) धार्मिक स्थापत्य (2) लौकिक स्थापत्य या धर्मनिरपेक्ष स्थापत्य कला। लौकिक स्थापत्य में प्रसाद, हवेली, भवन, दुर्ग, कीर्ति स्तम्भ, लाट, मीनार आते हैं, ऐसे शिल्प का संबंध … Read more

# छत्तीसगढ़ में धार्मिक स्थापत्य कला का विकास | छत्तीसगढ़ की स्थापत्य कला | Chhattisgarh Me Sthaptya Kala Ka Vikas

छत्तीसगढ़ में धार्मिक स्थापत्य कला का विकास : स्थापत्य की दृष्टि से मंदिर-निर्माण का इतिहास भी बहुत प्राचीन है। सामान्यतः ब्राम्हण धर्म के पुनरूत्थान के साथ ही भारतवर्ष में मंदिर निर्माण की कला में वृद्धि हुई। देश-काल, मत-सम्प्रदाय तथा रूचि-अभिरूचि के अनुरूप मंदिर कला में विविधता तथा अनेकरूपता आई। मंदिर स्थापत्य का स्वतंत्र विकास चौथी … Read more