# मूल अधिकारों में संशोधन (Amendment of fundamental rights)

मूल अधिकारों में संशोधन : मूल अधिकार राज्य के विरूद्ध प्रदत्त है अतः इसके कारण व्यवस्थापिका से मतभेद चलता रहा है। सर्वोच्च न्यायालय…

# क्या भारत एक राष्ट्र है समझाइए ?

क्या भारत एक राष्ट्र है? अनेक बार इस आशय के प्रश्न किये जाते हैं कि भारत को एक राष्ट्र कहा जा सकता है…

# राज्य के कार्य एवं औचित्य | State functions and justifications

राज्य के कार्य एवं औचित्य : यह सिद्ध हो चुका है कि राज्य और मानव का अटूट रिश्ता है। दोनों का एक दूसरे…

# जॉन आस्टिन का सम्प्रभुत्ता संबंधी सिद्धान्त | Samprabhuta Sambandhi Siddhant

जॉन आस्टिन का सम्प्रभुत्ता संबंधी सिद्धान्त सम्प्रभुत्ता की अवधारणा की सुस्पष्ट व्याख्या करने का श्रेय इंग्लैण्ड के प्रसिद्ध विधिवेत्ता जॉन आस्टिन (1790–1859) को…

# मौलिक अधिकारों के संरक्षक (संवैधानिक उपचार) की भूमिका में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा रिट/आदेश जारी करने की अधिकारिता

मौलिक अधिकारों के संरक्षक (संवैधानिक उपचार) की भूमिका में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा रिट/आदेश जारी करने की अधिकारिता भारत की संवैधानिक संरचना में सर्वोच्च…

# भारतीय राजनीति में जातिवाद की भूमिका | Bharat Ki Rajniti Me Jativaad Ki Bhumika

प्रो. मोरिस जोन्स (Moris Jones) ने अपनी पुस्तक ‘भारतीय शासन और राजनीति’ में लिखा है, “शीर्षस्थ नेता भले ही जाति रहित समाज के…

# भारतीय राजनीति में धर्म की भूमिका एवं प्रभाव | धर्म और भारतीय राजनीति | Religion and Indian Politics

धर्म और भारतीय राजनीति : भारतीय समाज में तभी एकता बनी रहती है जब समाज के सभी धार्मिक समुदाय एक-दूसरे के साथ मिल-जुलकर…

# भारत-पाकिस्तान विभाजन के प्रमुख कारण | Bharat-Pakistan Vibhajan Ke Pramukh Karan

भारत विभाजन के कारण : द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान और उसके बाद भारत में ब्रिटेन के जितने भी प्रतिनिधिमण्डल आये, वे उन…

# भारतीय संविधान की प्रमुख विशेषताएं | Bharatiya Samvidhan Ki Visheshata

स्वतन्त्रता प्राप्ति के बाद भारत के संविधान सभा ने भारत का नवीन संविधान निर्मित किया। 26 नवम्बर, 1949 ई. को नवीन संविधान बनकर…

# इंग्लैंड (ब्रिटेन) में औद्योगिक क्रान्ति : कारण, प्रभाव एवं परिणाम | England (Britain) Me Audyogik Kranti

इंग्लैंड (ब्रिटेन) में औद्योगिक क्रान्ति : 18वीं शताब्दी के द्वितीय अर्द्धभाग और 19वीं शताब्दी के आरम्भ में इंग्लैण्ड के शिल्प और उद्योग-धन्धों में…