# राजनीतिक समाजशास्त्र का विषय-क्षेत्र | Rajnitik Samajshastra Ka Vishay Kshetra

राजनीतिक समाजशास्त्र का विषय-क्षेत्र : विषय क्षेत्र : राजनीतिक समाजशास्त्र एक नया विषय है और यह राजनीति विज्ञान और समाजशास्त्र से सामग्री ग्रहण…

# राजनीतिक समाजशास्त्र की विषय-वस्तु | Rajnitik Samajshastra Ki Vishay Vastu

राजनीतिक समाजशास्त्र की विषय-वस्तु : किसी भी विषय की विषय-वस्तु निर्धारित करना कठिन कार्य है। यह कठिनाई राजनीतिक समाजशास्त्र जैसे नवीन विषय में…

# समाज का अर्थ, परिभाषा, विशेषताएं एवं प्रमुख तत्व, आधार, प्रकार/वर्गीकरण

समाज का अर्थ : मानव जाति सदा से अपने को अनुपम प्राणी समझती रही है। इसका मुख्य कारण है, उसकी संस्कृति। केवल मनुष्य…

# समुदाय का अर्थ, परिभाषा एवं विशेषताएं | Samuday Ka Arth, Paribhasha, Visheshata

अरस्तू का कथन है कि मानव एक सामाजिक प्राणी है, जो सार्वभौमिक सत्य है क्योंकि मानव जाति के बिना न तो समाज का…

# वर्ण व्यवस्था का अर्थ, महत्व, उत्पत्ति सिद्धान्त, कर्तव्य या वर्णधर्म (Varn Vyavastha)

‘वर्ण‘ वह है जिसको व्यक्ति अपने कर्म और स्वभाव के अनुसार चुनता है। प्रतिस्पर्द्धा का अभाव हिन्दू संस्कृति का ध्येय है और इसी…

# समाजशास्त्र की विषय-वस्तु | Samajshastra Ki Vishay Vastu | Subject Matter of Sociology

समाजशास्त्र की विषय-वस्तु का वर्णन किसी भी विषय की विषय-वस्तु से तात्पर्य उन पहलुओं अथवा बातों से हैं जिनका अध्ययन उसमें किया जाता…

# भारत में समाजशास्त्र की उत्पत्ति (उद्भव) एवं विकास | Origin and Development of Sociology in India

समाजशास्त्र एक नवीन सामाजिक विज्ञान है जो समाज का समग्र रूप से वैज्ञानिक अध्ययन करता है। समाज का अस्तित्व मानव के अस्तित्व के…

# समाजशास्त्र एवं सामान्य बोध में अंतर | Samajshastra Aur Samanya Bodh Me Antar

समाजशास्त्र और सामान्य बोध में अंतर : समाज में प्रचलित ऐसे विचारों के सन्दर्भ में जिनके बारे में हम यह नहीं समझ पाते…

# भारत में गरीबी/निर्धनता के प्रमुख कारण व गरीबी उन्मूलन के उपाय | Bharat Me Garibi/Nirdhanta Ke Pramukh Karan

निर्धनता/गरीबी की धारणा : निर्धनता की धारणा एक सापेक्षिक धारणा है जो अच्छे जीवन-स्तर के मुकाबले निम्न जीवन-स्तर के आधार पर गरीबी की…

# भारत में परिवीक्षा (प्रोबेशन) और पैरोल प्रणाली, अर्थ, परिभाषा, विशेषताएं, लाभ, दोष | Probition and Parole in India

परिवीक्षा/प्रोबेशन (Probation) 20वीं शताब्दी को सुधार का युग माना जाता है। प्रोबेशन इसी सुधार युग का परिणाम है। इस सुधार में मानवतावादी दृष्टिकोण…