# मूल्य आधारित शिक्षा की आवश्यकता एवं महत्व की व्याख्या कीजिए? | Value based Education and Environment

मूल्य आधारित शिक्षा : मूल्य आधारित शिक्षा को जानने के लिए हमें पहले ‘मूल्य’ क्या है इसे जानना आवश्यक हो जाता है। सामाजिक व्यवस्था में मूल्य का अर्थ किसी मूर्त या अमूर्त वस्तु के लिए उस वस्तु के स्तर का प्रतिनिधित्व करता हुआ एक आंकलन है। मूल्य के विषय में जेम्स शेवर ने स्पष्ट कहा … Read more

# समाजशास्त्र और मनोविज्ञान में संबंध व अंतर | Relations in Sociology and Psychology

समाजशास्त्र और मनोविज्ञान में संबंध : समाजशास्त्र और मनोविज्ञान एक-दूसरे से घनिष्ठ रूप से सम्बन्धित हैं। जिस प्रकार समाजशास्त्र का केन्द्रीय विषय समाज और सामाजिक व्यवस्था (Societylind social system) है, उसी प्रकार मनोविज्ञान का केन्द्रीय विषय व्यक्तित्व (Personality) है। मनोविज्ञान की रूचि व्यक्ति में है न कि उसकी सामाजिक परिस्थितियों में। समाजशास्त्र और मनोविज्ञान का सम्बन्ध … Read more

# उत्तर औद्योगिक समाज की अवधारणा | Concept of post industrial society

उत्तर औद्योगिक समाज : डैनियल बेल ने इस अवधारणा को 1962 में प्रयोग किया था। इस उत्तर औद्योगिक समाज की अवधारणा अमेरिकी समाजशास्त्रियों ने ज्यादा फैलाया है। विस्तार से इस अवधारणा की व्याख्या करने वाले समाजशास्त्रियों में डैनियल बेल का नाम लिया जाता है जिन्होंने यह भविष्यवाणी की थी कि विचारधारा के अंत होने के … Read more

# परिवार : प्रमुख कार्य एवं चुनौतियां | Modern Family Challenges

परिवार : ऑगबर्न और निम्कॉफ के अनुसार– “जब हम परिवार की कल्पना करते हैं तो हम इसे बच्चों सहित पति पत्नी के स्थाई संबंध को चित्रित करते हैं।” परिवार के प्रमुख कार्य : परिवार के कुछ ऐसे प्रमुख कार्य है जिसे परिवार जैसे संगठन के द्वारा ही पूरा किया जा सकता है और इन क्रियाओं … Read more

# राजनीति विज्ञान का अर्थ, परिभाषाएं, विशेषताएं | Features of Political Science

राजनीति विज्ञान का अर्थ : राजनीति विज्ञान के जनक होने का श्रेय यूनानियों को दिया जाता है, जिनमें प्लेटो व अरस्तू का योगदान उल्लेखनीय है। यूनानियों ने ही सबसे पहले राजनीतिक प्रश्नों को आलोचनात्मक और तर्क सम्मत चिन्तन की दृष्टि से देखा। हिन्दी भाषा का ‘राजनीति‘ शब्द, अंग्रेजी भाषा के ‘पॉलिटिक्स‘ (Politics) का अनुवाद है। … Read more

# सामाजिक गतिशीलता का अर्थ, परिभाषाएं, वर्गीकरण, प्रकार, प्रमुख स्रोत | Samajik Gatishilta

सामाजिक गतिशीलता : समाजशास्त्रिय अध्ययन में गतिशीलता से तात्पर्य एक सामाजिक व्यवस्था में एक स्थिति से दूसरे स्थिति को पा लेने से है जिसके फलस्वरूप इस स्तरीकृत सामाजिक व्यवस्था में गतिशील व्यक्ति का स्थान ऊंचा उठता है या नीचे चला जाता है। एक स्थान से ऊपर उठकर दूसरे स्थान को प्राप्त कर लेना जो उससे … Read more