# भारतीय संविधान और अस्पृश्यता निवारण

भारतीय संविधान और अस्पृश्यता निवारण : किसी भी युग के निमित्त विधि मानवीय इच्छाओं की अभिव्यक्ति है। संवैधानिक विधि भी लोक वर्ग की आकांक्षाओं की अभिव्यक्ति है,…

# अनुसूचित जाति का क्या मतलब है? | Anusuchit Jati Kise Kahte Hai?

भारतीय समाज में अनेक प्रकार की सामाजिक, आर्थिक, असमानताएँ प्राचीन काल से व्याप्त रही हैं, इनमें सर्वाधिक निम्नस्तरीय असमानताएँ वर्ण व्यवस्था पर आधारित रही है। हिन्दू समाज…

# मानव अधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा-पत्र | Universal Declaration of Human Rights in Hindi

मानवीय अधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा : द्वितीय विश्व युद्ध के काल में मानव अधिकारों पर जो कुठाराघात किया गया था, उसे देखकर राजनीतिक नेताओं द्वारा मिलकर यह…

# सम्प्रभुता (राजसत्ता) की परिभाषाएं, लक्षण/विशेषताएं, विभिन्न प्रकार एवं आलोचनाएं

सम्प्रभुता (प्रभुता/राजसत्ता) राज्य के आवश्यक तत्वों में से एक महत्वपूर्ण तत्व है। इसके बिना हम उसे राज्य नहीं कह सकते। भले ही उसमें जनसंख्या, भूमि और सरकार…

# भारत में समाजशास्त्र की उत्पत्ति (उद्भव) एवं विकास | Origin and Development of Sociology in India

समाजशास्त्र एक नवीन सामाजिक विज्ञान है जो समाज का समग्र रूप से वैज्ञानिक अध्ययन करता है। समाज का अस्तित्व मानव के अस्तित्व के साथ जुड़ा हुआ है,…

# अमेरिकी स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख कारण, परिणाम एवं प्रभाव

अमेरिका द्वारा स्वतन्त्रता की घोषणा (4 जुलाई, 1776 ई.) “हम इन सत्यों को स्वयंसिद्ध मानते हैं कि सभी मनुष्य जन्म से एकसमान हैं, सभी मनुष्यों को परमात्मा…

# “राज्य का आधार इच्छा है, शक्ति नहीं” इस कथन की व्याख्या कीजिए

राज्य का आधार इच्छा है शक्ति नहीं : “The basis of the state is will, not power.” – T.H. Green व्यक्तिवादी, साम्यवादी, अराजकतावादी राज्य को मात्र शक्ति…

# लॉक के ‘मानव स्वभाव’ एवं ‘प्राकृतिक अवस्था’ सम्बन्धी प्रमुख विचार

मानव स्वभाव पर विचार : लॉक ने मनुष्य को केवल अ-राजनीतिक (Pre-Political) माना है, अ-सामाजिक (Pre-Social) नहीं, जैसा कि हॉब्स कहता है। हॉब्स के विपरीत लॉक की…

# निदेशक सिद्धान्तों का उद्भव, प्रकृति और स्वरूप | Origin, nature and nature of Directive Principles

निदेशक सिद्धान्तों का उद्भव, प्रकृति और स्वरूप : “उन्नीसवीं शताब्दी तक व्यक्तिगत स्वतन्त्रताओं के संरक्षण हेतु मौलिक अधिकारों का विचार प्रमुख था… बीसवीं शताब्दी में नवीन विचारों…

# राज्य के नीति निदेशक सिद्धांत | Directive Principles of State Policy

राज्य के नीति निदेशक सिद्धांत : राज्य के नीति-निदेशक सिद्धांत केन्द्रीय एवं राज्य स्तर की सरकारों को दिए गए निर्देश है। यद्यपि ये सिद्धांत न्याययोग्य नहीं हैं,…