# भारत में परिवीक्षा (प्रोबेशन) और पैरोल प्रणाली, अर्थ, परिभाषा, विशेषताएं, लाभ, दोष | Probition and Parole in India

परिवीक्षा/प्रोबेशन (Probation) : 20वीं शताब्दी को सुधार का युग माना जाता है। प्रोबेशन इसी सुधार युग का परिणाम है। इस सुधार में मानवतावादी दृष्टिकोण को प्रमुख स्थान…

# समिति एवं समुदाय में अंतर | Samiti Aur Samuday Me Antar | Committee And Community

समिति एवं समुदाय में अन्तर : समिति एवं समुदाय दो भिन्न अवधारणाएं हैं। यद्यपि दोनों ही व्यक्तियों के मूर्त समूह हैं तथापि दोनों में पर्याप्त अन्तर है।…

# संस्था के सामाजिक कार्य, उद्देश्य या महत्त्व | Sanstha ke Samajik Karya, Uddeshya, Mahatva

बोगार्डस (Bogardus) के अनुसार, “सामाजिक संस्था समाज की वह संरचना है जिसको सुस्थापित कार्यविधियों द्वारा व्यक्तियों की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए संगठित किया जाता है।” Read…

# संस्था का अर्थ एवं परिभाषाएं | संस्था की प्रमुख विशेषताएं | Sanstha Ki Paribhasha Aur Visheshata

संस्था का अर्थ एवं परिभाषाएँ : संस्थाएँ वे कार्यप्रणालियाँ हैं जिनके द्वारा व्यक्ति, समितियाँ या संगठन अपने उद्देश्यों की पूर्ति करते हैं। ये समाज द्वारा मान्यता प्राप्त…

# संस्था और समिति में अंतर | Institution And Committee | Sanstha Aur Samiti Me Antar

संस्था और समिति : संस्था और समिति दोनों मानव की आवश्यकता पूर्ति से सम्बन्धित हैं। इनमें जो मूलभूत अन्तर पाया जाता है उसे मैकाइवर एवं पेज के…

# छत्तीसगढ़ में धर्मनिरपेक्ष स्थापत्य कला का विकास | Chhattisgarh Me Dharm-nirpeksha Sthaptya Kala Ka Vikas

छत्तीसगढ़ में धर्मनिरपेक्ष स्थापत्य कला का विकास : सामान्यतः स्थापत्य कला को ही वास्तुकला या वास्तुशिल्प कहा जाता है। भारतीय स्थापत्य कला के दो रूप प्रमुख है…