# संवैधानिक उपचारों का अधिकार एवं महत्त्व (रिट याचिका के महत्व)

उच्चतम न्यायालय एवं उच्च न्यायालय नागरिकों के मूल अधिकारों के ‘संरक्षक‘ एवं संविधान के ‘सजग प्रहरी‘ है। यह संविधान एवं अधिकारों की रक्षा…

# राष्ट्रपति के विधेयक स्वीकृति संबंधी शक्ति निषेधाधिकार (वीटो पावर) का प्रयोग

भारतीय संघ की संसद दो सदनों और राष्ट्रपति का संयुक्त स्वरूप है। कोई भी विधेयक तब तक विधि का स्थान नहीं ले सकता…

# अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989

अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 भारत में स्वतंत्रता के बाद संविधान के अनुच्छेद 17 के द्वारा अस्पृश्यता को समाप्त…

# वर्ण व्यवस्था का अर्थ, महत्व, उत्पत्ति सिद्धान्त, कर्तव्य या वर्णधर्म (Varn Vyavastha)

‘वर्ण‘ वह है जिसको व्यक्ति अपने कर्म और स्वभाव के अनुसार चुनता है। प्रतिस्पर्द्धा का अभाव हिन्दू संस्कृति का ध्येय है और इसी…

# जुगल किशोर बनाम लेबर कमिश्नर वाद

जुगल किशोर बनाम लेबर कमिश्नर वाद : जुगल किशोर बनाम लेबर कमिश्नर के इस वाद में बिहार दुकान एवं प्रतिष्ठान अधिनियम की धारा…

# विजय कॉटन मिल्स बनाम अजमेर राज्य वाद

श्री विजय कॉटन मिल्स बनाम अजमेर राज्य वाद मौलिक अधिकारों पर प्रतिबन्ध एवं युक्तियुक्त निर्बन्धन हेतु निदेशक तत्वों को आधार मानने के संबंध…

# एस. नारायण पिल्लई बनाम दि स्टेट ऑफ त्रावणकोर कोचीन वाद

एस. नारायण पिल्लई बनाम दि स्टेट ऑफ त्रावणकोर कोचीन वाद मौलिक अधिकारों पर युक्ति युक्त प्रतिबन्ध आरोपित करने या मौलिक अधिकारों पर लगाए…

# बम्बई राज्य बनाम बलसारा वाद

बम्बई राज्य बनाम एफ० एन० बलसारा वाद : बम्बई राज्य बनाम एफ० एन० बलसारा वाद में “बम्बई प्रान्त मद्य निषेध अधिनियम 1949” के…

# मिनर्वा मिल्स लि० बनाम भारत संघ वाद

मिनर्वा मिल्स लि० बनाम भारत संघ वाद : मिनर्वा मिल्स लि० बनाम भारत संघ वाद भी अधिकारों एवं निदेशक सिद्धान्तों के साथ संशोधनीयता…

# केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य वाद : 1973

केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य वाद : 1973 केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य वाद 1973 में केरल भूमि सुधार संशोधन अधिनियम को चुनौती…