# झरपट नृत्य : छत्तीसगढ़ | Jharpat Nritya : Chhattisgarh | Jharpat Dance of CG

झरपट नृत्य : छत्तीसगढ़

झरपट नृत्य में स्त्री एवं पुरुष आमने सामने होकर पंक्तियों में नृत्य करते है। यह एक समूह नृत्य होता है। नर्तक दल के हाथों में ठिसकी (वाद्ययंत्र) होती है। झरपट नृत्य के गीत में सवाल जवाब होता है। महिला एवं पुरुष दल एक दूसरे को निरंतर निरुत्तर करने की कोशिश करते है।

झरपट नृत्य की गति गीत के बोल के साथ तेज होती जाती है। ‘झरपट‘ का अर्थ छेड़-छाड़ होता है। यह नृत्य बैगा जनजाति की प्रमुख लोकनृत्य है। करमा के बाद अक्सर यह नृत्य किया जाता है। यह नृत्य लगभग रातभर चलती है।

झरपट के गीत इस प्रकार होते है –

झैंला-झैलो यारी के मुनगा उखाटी।
झैंय जाय रे बारी के मुनगा उखारी।।
झैंय जाय रे ।
बारी के मुनगा उखारी झैंय जारे।
मोरे दगा छैयला बिछडी, झैंय जारे।”

झरपट के गीत में युवक द्वारा युवतियों को और युवतियों द्वारा युवकों को चिढ़ाने जैसे गीत के बोल होते है, इनमें एक दूसरे को छेड़ा जाता है।.

The premier library of general studies, current affairs, educational news with also competitive examination related syllabus.

Related Posts

# छत्तीसगढ़ राज्य के अनुसूचित क्षेत्र | Scheduled Areas of Chhattisgarh State in Hindi

भारतीय संविधान के 5वीं और 6वीं अनुसूची में उल्लेखित क्षेत्रों को अनुसूचित क्षेत्र कहा जाता हैं। पांचवीं अनुसूची में कुल 10 राज्य छत्तीसगढ़, आंध्रप्रदेश, गुजरात, हिमाचल प्रदेश,…

# छत्तीसगढ़ के प्रमुख लोक गाथा, कथाएं एवं लोक नाट्य | Folk Tales And Folk Drama of Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ के लोक संस्कृति में सृष्टि के रहस्यों से लेकर प्राचीन तत्त्वों एवं भावनाओं के दर्शन होते रहे हैं। अलौकिकता, रहस्य, रोमांच इसकी रोचकता को बढ़ाते हैं।…

# छत्तीसगढ़ के प्रमुख लोक गीत | Chhattisgarh Ke Lok Geet

छत्तीसगढ़ी लोक गीत : किसी क्षेत्र विशेष में लोक संस्कृति के विकास हेतु लोकगीत/लोकगीतों का प्रमुख योगदान होता है। इन गीतों का कोई लिपिबद्ध संग्रह नहीं होता,…

# छत्तीसगढ़ के प्रमुख लोक नृत्य | Chhattisgarh Ke Lok Nritya

छत्तीसगढ़ के प्रमुख लोक नृत्य : लोक नृत्य छत्तीसगढ़ के निवासियों की अपनी जातीय परंपरा एवं संस्कृति का परिचायक है। छत्तीसगढ़ के अनेक लोकगीतों में से कुछ…

# छत्तीसगढ़ के प्रमुख वाद्य यंत्र | Chhattisgarh Ke Vadya Yantra

छत्तीसगढ़ी लोक वाद्य यंत्र : यदि वाद्यों की उत्पत्ति को कल्पित भी माना जाए तो भी यह स्वीकार करना ही होगा कि प्रकृति के अंग-अंग में वाद्यों…

# छत्तीसगढ़ के क्षेत्रीय राजवंश | Chhattisgarh Ke Kshetriya Rajvansh

छत्तीसगढ़ के क्षेत्रीय/स्थानीय राजवंश : आधुनिक छत्तीसगढ़ प्राचीनकाल में दक्षिण कोसल के नाम से जाना जाता था। प्राचीन धार्मिक ग्रंथों में दक्षिण कोसल के शासकों का नाम…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

nine + 20 =