# एस. नारायण पिल्लई बनाम दि स्टेट ऑफ त्रावणकोर कोचीन वाद

एस. नारायण पिल्लई बनाम दि स्टेट ऑफ त्रावणकोर कोचीन वाद मौलिक अधिकारों पर युक्ति युक्त प्रतिबन्ध आरोपित करने या मौलिक अधिकारों पर लगाए…

# नीति निदेशक तत्वों की प्रकृति एवं महत्व

नीति निदेशक तत्वों की प्रकृति एवं महत्व : भारतीय संविधान में वर्णित निदेशक सिद्धान्त सामाजिक क्रान्ति हेतु सुस्पष्ट सामाजिक और आर्थिक लक्ष्य संजोये…

# राष्ट्रीय अनुसूचित जाति तथा जन-जाति आयोग

राष्ट्रीय अनुसूचित जाति तथा जन-जाति आयोग : 65 वें संविधान संशोधन अधिनियम 1990 द्वारा अनु. 338 में संशोधन करके अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित…

# संसद एवं विधानमंडल में आरक्षण की संवैधानिक प्रावधान

अनुसूचित जाति एवं जनजाति के उत्थान हेतु संसद एवं विधान मंडल में आरक्षण की संवैधानिक प्रावधान : प्राचीन काल से लेकर मध्यकाल तक…

# पंचायती राज में आरक्षण की संवैधानिक प्रावधान

अनुसूचित जाति एवं जनजाति के उत्थान के लिए पंचायती राज में आरक्षण की संवैधानिक प्रावधान : हमारे देश की सामाजिक और राजनीतिक व्यवस्था…

# नियोजनों में आरक्षण : संवैधानिक स्थिति (पृष्ठभूमि)

नियोजनों में आरक्षण : संवैधानिक स्थिति (पृष्ठभूमि) राज्याधीन नियोजनों में आरक्षण की अवधारणा का जन्म भारतीय संविधान के प्रस्तावना में निहित, सामाजिक एवं…

# शिक्षण संस्थाओं में आरक्षण : संवैधानिक स्थिति

शिक्षण संस्थाओं में आरक्षण : हाब्स कहते हैं, ज्ञान ही शक्ति है, (नालेज इन पावर) शिक्षा के माध्यम से ही मनुष्य अपनी दैहिक,…

# मौलिक अधिकारों की संवैधानिक स्थिति (पृष्ठभूमि) | Constitutional Status of Fundamental Rights

मौलिक अधिकारों की संवैधानिक स्थिति (पृष्ठभूमि) : भारत के संविधान में वर्णित मौलिक अधिकारों को देश की सर्वोच्च विधि द्वारा संरक्षित हित के…

# वैष्णव धर्म का उद्भव और विकास

वैष्णव धर्म का उद्भव और विकास वैदिक काल में भारतीय धर्म का स्वरूप भिन्न भिन्न रूप में प्रस्तुत हुआ है। आर्यों ने देवत्व…

# मूल अधिकारों में संशोधन (Amendment of fundamental rights)

मूल अधिकारों में संशोधन : मूल अधिकार राज्य के विरूद्ध प्रदत्त है अतः इसके कारण व्यवस्थापिका से मतभेद चलता रहा है। सर्वोच्च न्यायालय…