# अरस्तू को प्रथम राजनी‌तिक वैज्ञानिक क्यों माना जाता है? स्पष्ट कीजिए | Pratham Rajnitik Vaigyanik

अरस्तू प्रथम वैज्ञानिक राजनीतिक विचारक के रूप में : अरस्तू को आधुनिक राजनीतिशास्त्र का जनक, प्रणेता या पितामह कहा जाता है। मैक्सी ने अरस्तू को ‘प्रथम राजनीतिक…

# हीगल के राज्य सम्बन्धी विचार | हीगल के राजनीतिक विचार | Hegal Ke Rajnitik ViChar

हीगल का राज्य विषयक सिद्धान्त : हीगल रूसो और अन्य संविदावादियों की इस धारणा से सहमत नहीं है कि राज्य एक कृत्रिम संस्था है और इसका उदय…

# केन्द्र व राज्य सरकार की वित्तीय सम्बन्ध (Financial Relations)

केन्द्र व राज्य सरकार की वित्तीय सम्बन्ध : केन्द्र व राज्यों के वित्तीय सम्बन्धों के सन्दर्भ में यह उल्लेखनीय है कि राजस्व के कुछ स्रोत केन्द्र के…

# भारतीय राजनीति में जातिवाद की भूमिका | Bharat Ki Rajniti Me Jativaad Ki Bhumika

प्रो. मोरिस जोन्स (Moris Jones) ने अपनी पुस्तक ‘भारतीय शासन और राजनीति’ में लिखा है, “शीर्षस्थ नेता भले ही जाति रहित समाज के उद्देश्य की घोषणा करे, परन्तु…

# केन्द्र व राज्य सरकारों के बीच विधायी (न्यायिक) सम्बन्ध (Legislative Relations)

केन्द्र व राज्य सरकारों के बीच विधायी (न्यायिक) सम्बन्ध : संघात्मक सरकार में शक्तियों का बँटवारा आवश्यक है। संयुक्त राज्य अमेरिका में केन्द्र सरकार की शक्तियाँ संविधान…

# राज्यपाल के कार्य और शक्तियां | Rajyapal Ke Karya Aur Shaktiyan

राज्यपाल के कार्य और शक्तियां संविधान के द्वारा राज्यपाल को पर्याप्त व्यापक शक्तियाँ प्रदान की गयी हैं। राज्यों में राज्यपाल की वही स्थिति है, जो राष्ट्रपति की…

# राज्य के मन्त्रिपरिषद् की कार्य एवं शक्तियां, रचना, संगठन | Powers and Duties of State Cabinet

राज्य के मन्त्रिपरिषद् की रचना एवं संगठन : राज्य मंत्रिपरिषद् के गठन को निम्नलिखित शीर्षकों में विभाजित किया जाता है- (1) मुख्यमन्त्री की नियुक्ति संविधान के अनुच्छेद-164 के…

# मुख्यमन्त्री के कार्य व शक्तियां, स्थिति और भूमिका | Functions and Powers of the Chief Minister

राज्य का मुख्यमन्त्री : किसी राज्य के प्रशासन में मुख्यमन्त्री का वही स्थान है, जो केन्द्रीय प्रशासन में प्रधानमन्त्री का है। वह राज्य मन्त्रिपरिषद् में मन्त्रियों की नियुक्ति व…

# कार्ल मार्क्स के द्वन्द्वात्मक भौतिकवाद सिद्धान्त | Karl Mark’s Theory of Dialetical Material-ism

मार्क्स के विचारों को मार्क्सवाद या वैज्ञानिक समाजवाद के नाम से जाना जाता है। मार्क्स से पहले सिसमोण्डी, राबर्ट औवन, साइमन फोरियर आदि समाजवादी विचारक हुए, परन्तु…

# प्लेटो के साम्यवाद सिद्धान्त : पृष्ठभूमि, आधार, रूपरेखा, उद्देश्य, विशेषताएं एवं आलोचनाएं | Plato ke Samyavaad Siddhant

प्लेटो के साम्यवाद सिद्धान्त : प्लेटो ने अपने आदर्श राज्य में न्याय को शासन का आधार माना है। न्याय के लिये मानव मस्तिष्क में सुधार के लिये…